महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा

Mahatma Gandhi Antarrashtriya Hindi VishwaVidyalaya,Wardha

(A Central University established by an Act of Parliament in 1997)

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा

Mahatma Gandhi Antarrashtriya Hindi VishwaVidyalaya,Wardha

(A Central University established by an Act of Parliament in 1997)

परिचय

इस विभाग के उद्देश्य हैं:

  • दलित एवं आदिवासी अध्ययन की सैध्दांतिकी का विकास
  • दलित एवं आदिवासी अध्ययन के स्वरुप, क्षेत्र एवं आयामों को परिभाषित एवं विकसित करना
  • दलित एवं आदिवासी अध्ययन की प्रासंगिकता
  • दलित एवं आदिवासी विकास के मुद्दों की समझ पैदा करना
  • दलित एवं आदिवासियों के अधिकार एवं संरक्षण के लिए नीतियों को बनाना
  • दलित एवं आदिवासियों के सशक्तिकरण के लिए अंबेडकर की विचारधारा की समझ विकसित करना और उनके ऊपर होने वाले सभी प्रकार के अत्याचारों एवं हिंसा के विरोध में स्वर को मुखर करना
  • भारतीय दलित एवं अमेरिकन अश्वेत समुदायों के साथ अन्य देशों के वंचित समुहों का तुलनात्मक अध्ययन करना और भारतीय आदिवासी समाज तथा अन्य देशों के आदिवासी समाज के साझे मुद्दों के प्रति समझ पैदा करना साथ ही उनके सशक्तिकरण के लिए विभिन्न देशों की सरकारों और उन देशों में निवास कर रहे दूसरे समुदायों के बीच संवेदनशीलता पैदा करना।

संचालित पाठ्यक्रम

  • दलित एवं जनजाति अध्ययन में एम.ए. और पीएच.डी.

अध्ययन मंडल बैठक (BOS Meeting)

बैठक का कार्यवृत्त (19वीं तक)

22वीं बैठक का कार्यवृत्त

अध्ययन मंडल के कार्यवृत, पाठ्यचर्या तथा प्रोग्राम आऊटकम 

शैक्षणिक/गैर शैक्षणिक सदस्य

PROFESSOR

लेल्ला कारुण्यकरा 

07152-246967 karunyakara@gmail.com

ASSISTANT PROFESSOR

पाठ्यक्रम

योग्यता :

संबद्ध अनुशासन या सामाजिक विज्ञान/मानविकी के किसी भी विषय में न्‍यूनतम 55% (अनूसचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के लिए 50%) अंकों के साथ स्‍नातकोत्तर परीक्षा उत्तीर्ण।

वांछनीय :

संबद्ध अनुशासन या सामाजिक विज्ञान/मानविकी की किसी भी विधा में एम.फिल./जे.आर.एफ./नेट उत्तीर्ण।

एम.ए. के बाद सीधे पी-एच.डी. में प्रवेश प्राप्त विद्यार्थियों को एक छमाही का कोर्स वर्क करना अनिवार्य होगा।

डी.टी.एस. 121 : आधारभूत शोध प्रविधि (2022-23)

पाठ्यक्रम (2021-22)

हिंदी में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दलित तथा जनजातीय अध्ययन को विस्तार देने की दृष्टि से एम.ए. दलित एवं जनजाति अध्ययन में दो वर्षीय पाठ्यक्रम चलाया जा रहा है जो चार छमाहियों में पूरा होता है। यह पाठ्यक्रम 64 क्रेडिट का है। इसके साथ ही कम्प्यूटर का अध्ययन अनिवार्य है जो प्रत्येक छमाही में 2 क्रेडिट का है। इस पाठ्यक्रम में कुल 30 सीटें हैं।

योग्यता :

किसी भी अनुशासन में न्यूनतम 45% (अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लिए 40%) अंकों के साथ किसी मान्यता प्राप्त विश्‍वविद्यालय से स्नातक (10+2+3 पाठ्यक्रम) परीक्षा उत्तीर्ण।

एम.ए. के विद्यार्थियों के लिए एक भारतीय अथवा विदेशी भाषा में डिप्लोमा करना अनिवार्य होगा।

पाठ्यक्रम – एम.ए. तृतीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर सत्र 2020-21

एम.ए. पाठ्यक्रम (2021-22)

विभाग मे संचालित कोर्सेस का पाठ्यक्रम-विवरण (2020-21)

विभाग मे संचालित कोर्सेस का पाठ्यक्रम-विवरण (2015-16 To 2019-20)

विभाग मे संचालित कोर्सेस का पाठ्यक्रम-विवरण

दलित एवं जनजातीय स्नातक कार्यक्रम के द्वारा छात्र – छात्राओ को भारतीय समाज और दलित और जनजातीय समदाय से
परिचित कराना तथा समाज में सामाजिक समानता, भातृत्व, और सौहार्द को बढावा देने के लिये प्रेरित करना। कार्यक्रम के
तहत दलित एवं जनजातीय समुदाय के इतिहास, संस्कृति, आदि के साथ उन महापुरुष, नायक, विचारको के बारे मे अध्ययन
कर सकेंगे जिन्होंने भारत राष्ट्र के निर्माण मे योगदान दिया और सामजिक समानता के लिये समाज को प्रेरित किया। छात्र
सामुदायिक आधारित विषय को अध्ययन कर भारतीय समाज के विभिन्‍न दृस्टिकोण को समझ पा सकेंगे और तलना कर
समाज मे व्याप्त कुरीतियो, अंधविश्वास, और असमानता के व्यवहार मे विश्ेषण कर एक ऐसे स्वस्थ समाज का निर्माण करने
मे सहयोग करेगे जिसमे सामाजिक समानता का बोध हो। छात्र हिन्दी भाषा के माध्यम से अपने विषय पर कौशल का विकास
कर दलित एवं जनजातीय समुदायों पर नये शोध, समाज सेवक और राजनीतिज्ञ,आदि और नये रोजगार के अवसर को पा
सकेंगे।

पाठ्यचर्या

परीक्षा परिणाम

बी.एड. (सत्र : 2022-24) प्रथम सेमेस्टर (पुनर्मूल्यांकन)
बी.एड. (सत्र : 2021-23) द्वितीय सेमेस्टर (पूरक)
बी.एड. (सत्र : 2021-23) तृतीय सेमेस्टर (पूरक)
बी.एड. (सत्र : 2021-23) चतुर्थ एवं सकल सेमेस्टर
एम.सी.ए. (2022-24) प्रथम सेमेस्टर (पुनर्मूल्यांकन)
एम.ए. हिंदी साहित्य (सत्र : 2021-23)तृतीय सेमेस्टर (पार्ट-1)
बी.ए. सामान्य (सत्र : 2020-23) चतुर्थ सेमेस्टर (पार्ट-2)
बी.ए. सामान्य (सत्र : 2020-23) प्रथम एवं सकल सेमेस्टर (पार्ट-2)
बी.ए. सामान्य (सत्र : 2020-23) पंचम सेमेस्टर (पूरक-पुनर्मूल्यांकन)
बी.ए. सामान्य (सत्र : 2020-23) प्रथम एवं सकल सेमेस्टर (पूरक)
बी.ए. (सत्र : 2021-24) तृतीय सेमेस्टर
बी.ए. सामान्य (सत्र : 2020-23) सकल सेमेस्टर (पूरक)
बी.ए. सामान्य (सत्र : 2020-23) द्वितीय सेमेस्टर
बी.ए. इतिहास (सत्र : 2022-26) प्रथम सेमेस्टर
बी.ए. सामान्य (सत्र : 2020-23) चतुर्थ सेमेस्टर (पूरक)
बी.ए. सामान्य (सत्र : 2020-23) तृतीय एवं सकल सेमेस्टर (पूरक)
पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातक (सत्र : 2020-23) चतुर्थ एवं सकल सेमेस्टर (पार्ट-2)
बी.ए. सामान्य (सत्र : 2020-23) पंचम सेमेस्टर (पूरक)
एम.ए. हिंदी साहित्य (सत्र : 2022-24) प्रथम सेमेस्टर (पुनर्मूल्यांकन)
बी.ए. सामान्य (सत्र : 2020-23) प्रथम एवं सकल सेमेस्टर (पूरक)
बी.ए. सामान्य (सत्र : 2020-23) चतुर्थ सेमेस्टर (पुनर्मूल्यांकन)
पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातक (सत्र : 2020-23) द्वितीय एवं सकल सेमेस्टर (पार्ट-2)
एम.फिल. जनसंचार (सत्र : 2019-21) तृतीय एवं सकल सेमेस्टर
परामर्श एवं निर्देशन में पी.जी. डिप्लोमा (सत्र : 2021-22) द्वितीय एवं सकल सेमेस्टर (पूरक)
बी.एस.डब्ल्यू. (सत्र : 2020-23) षष्ठ एवं सकल सेमेस्टर (पुनर्मूल्यांकन)

दूर शिक्षा निदेशालय :अकादमिक सत्र जुलाई-2022 एमएसडब्ल्यू प्रथम एवं द्वितीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों हेतु ऑनलाइन परामर्श सत्र संबधी सूचना (वर्धा केंद्र के विद्यार्थियों हेतु)

दूर शिक्षा निदेशालय :अकादमिक सत्र जुलाई-2022 एमएसडब्ल्यू प्रथम एवं द्वितीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों हेतु ऑनलाइन परामर्श सत्र संबधी सूचना (वर्धा केंद्र के विद्यार्थियों हेतु) 

Skip to content